जेयूआई-एफ नेता मौलाना फजलुर रहमान ने दोहरे मानकों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान पर हमला करता है तो उसे भारतीय हमलों का विरोध नहीं करना चाहिए। उन्होंने क्षेत्रीय अस्थिरता के समाधान के रूप में बातचीत और राजनीतिक जुड़ाव पर जोर दिया और कहा कि राजनीतिक शक्ति लोगों की है, सेना की नहीं।

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