भारतीय एयरलाइंस इस वित्त वर्ष में परिचालन मुनाफे में 10-15% की गिरावट की उम्मीद कर रही हैं। विमानन ईंधन की बढ़ती कीमतें, हवाई क्षेत्र की सीमाएं और मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण कमजोर होते रुपये का इस क्षेत्र पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ रहा है। ईंधन की कीमतों में संभावित नरमी के बावजूद, बढ़ती लागत और किराए एयरलाइन वित्त पर दबाव डालना जारी रखेंगे।

