वादे नहीं, सबूत: नए खाद्य उत्पाद सख्त नियंत्रण के अधीन; एफएसएसएआई ने सबूत अनिवार्य कर दिया है

भारत के खाद्य नियामक, एफएसएसएआई को अब 1 जनवरी, 2026 से सभी खाद्य सुरक्षा समीक्षाओं और मानकों में बदलाव के लिए वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता होगी। सबमिशन में भारतीय उपभोक्ताओं के लिए विशिष्ट पोषण संबंधी जानकारी, उपभोग पैटर्न, विषाक्त अध्ययन और एलर्जी जोखिमों का विवरण होना चाहिए। इस कदम का उद्देश्य जनता के लिए व्यावहारिक, विज्ञान-आधारित और सुरक्षित खाद्य नियम सुनिश्चित करना है।

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